Screw Driver- इनका उपयोग विभिन्न प्रकार के पेंचों को कसने तथा खोलने के लिए किया जाता है ये अनेक प्रकार के होते है; जैसे फ्लैट टिप, क्रास टिप, यू टिप आदि। इनका आकार इनके शैंक या ब्लेड की लम्बाई के आधार पर दर्शाया जाता है। इनके मुख्य भाग हैं- टिप, शैंक या ब्लेड व हैण्डिल।
Combination Plier- इसका उपयोग एल्युमीनियम तथा तांबे के पतले तारों को काटने, उनका इन्सुलेशन छीलने तथा तारांें के जोड़ो को ऐंठने के लिए किया जाता है। ये प्लायर प्रायः 15 सेमी से 20 सेमी लम्बाई में बनाए जाते है।
Nose Plier- इसका उपयोग पतले तारों को पकड़ने, ऐंठने तथा छोटे आकार के नटों को कसने में किया जाता है। यह 15 सेमी लम्बा, इन्सुलेटिड दस्ते वाला लम्बी, व चपटी चोंच वाला फ्लैट नोज, राउण्ड नोज, बैण्ट नोज,लांग नोज प्लायर प्रकार के होते है।
Nipper- इसे ‘साइड कटिंग प्लायर’ या ‘डायगोनल कटर’ भी कहते हैं। इसकी उपयोग तांबे एवं एल्युमीनियम के पतले तारों को काटने के लिए किया जाता है।
Wire Stripper- वैद्युतिक वायरिंग में विभिन्न तारों का इन्सुलेशन छीलने के लिए इस औजार का उपयोग किया जाता है। इसकी लम्बाई प्रायः 20 सेमी होती है।
Electrician Knife- यह दो ब्लेड वाला चाकू होता है। इसका एक ब्लेड धार युक्त होता है जिसका उपयोग तारों का इन्सुलेशन छीलने के लिए किया जाता है।

Hammer- इसका उपयोग कील ठोकने, गिट्टी व रावल प्लग ठोकने, चीजल के साथ दीवार आदि में छिद्र करने एवं लकड़ी पर फर्मर चीजल के साथ कार्य करने के लिए किया जाता है। इसके मुख्य भाग हैं- फेस, पीन, आई होल, चीक व हैण्डिल। हथौड़े अनेक प्रकार के होते है; जैसे- बॉल-पीन, क्रास पीन, स्ट्रेट पीन, रिवेटिंग, स्लेज, सॉफ्ट आदि।
Poker- इसका उपयोेग लकड़ी की फिटिंग्स में पेंच कसने से पूर्व पेंच के लिए छोटा गाईड होल बनाने के लिए किया जाता है। इसे ‘सुम्बी’ या ब्राडल भी कहतें हैं। इसकी टिप नुकीली होती है और यह पीछे की ओर चोकोर हो जाती है ।
Test Lamp- बैकेलाइट के पैण्डेण्ट होेल्डर में लगभग आधे-आधे मीटर लम्बे 1mm2 साइज के पी.वी.सी. तार के दो टुकड़े कस देने और एक 60 वाट्स का लैम्प फिट कर देने पर यह औजार तैयार हो जाता है। इसके द्वारा ए.सी. सप्लाई लाइन के फेज, न्यूट्रल तथा अर्थ तारों की पहचान की जाती है और इसके जलने, न जलने अथवा कम जलने के आधार पर दोष खोजे जाते हैं।इसका उपयोग किसी जॉब को उपयुक्त आकार एवं फिनिशिंग देने के लिए किया जाता है। इन्हें निम्न चार प्रकार से वर्गीकृत किया जाता है-
लम्बाई के अनुसार
According to Length- सामान्यतः फाइल की लम्बाई 10, 15, 20, 25, 30, 35 सेमी तक होती है।
According to Grade- ग्रेड के अनुसार रफ, बास्टर्ड , सैकिण्ड कट, स्मूथ, डैड-स्मूथ आदि रेतियां होती है।
According to Cut- कट के अनुसार सिंगल कट, डगल कट, कर्व्ड कट, स्पाइरल कट व रास्प कट आदि रेतियां होती है।
According to Size- आकार के अनुसार फ्लैट, राउण्ड, हाफ राउण्ड, स्कवायर, ट्राएगुलर, हैण्ड, पाइफ एज व नीडिल आदि रेतियां होती है।
Tennon Saw-इसका उपयोग लकड़ी, सनमाइका तथा प्लास्टिक की वस्तुओं को काटने, और उन्हें आवश्यक आकृति प्रदान करने के लिए किया जाता है। विद्युत्कार के लिए 30-40 सेमी लम्बाई वाला टैनन सॉ उपयुक्त होता है।
Key Hole Saw-सनमाइका टॉप वाले वायरिंग बोर्डों में ड्रिल मशीन से किए गए गोल छिद्रों को आवश्यकतानुसार आयताकार या वार्ताकार आकृति प्रदान करने के लिए इसका उपयोग करते हैं। यह लगभग 3-4 मिमी चौड़े और 15-300 सेमी लम्बे ब्लेड वाली छोटी आरी होती है।
Hecksaw-इसका उपयोग लोहे व अन्य धातुओं की चादरों, पाइपों, तारों, नट-बोल्टों आदि को काटने के लिए
करते हैं। यह धात्विक वस्तुओं कों काटने वाली आरी है। इसमें मुख्यतः एक एडजस्टेबिल फ्रेम, हैण्डिल, उच्च कार्बन इस्पात ब्लेड तथा एडजस्टेबिल ब्लेड-होल्डर होता है। इसके ब्लेड की लम्बाई प्राय 30 सेमी होती है।
करते हैं। यह धात्विक वस्तुओं कों काटने वाली आरी है। इसमें मुख्यतः एक एडजस्टेबिल फ्रेम, हैण्डिल, उच्च कार्बन इस्पात ब्लेड तथा एडजस्टेबिल ब्लेड-होल्डर होता है। इसके ब्लेड की लम्बाई प्राय 30 सेमी होती है।
Hand Drill Machine-इसका उपयोग लकड़ी, सनमाइका, प्लास्टिक, ब्रास, एल्युमीनियम, नर्म लोहे की चादरों, पुर्जों आदि में छिद्र करने के लिए किया जाता है। यह हाथ से चलाई जाने वाली एक छोटी ड्रिल मशीन है। इसकी क्षमता इसके चख्क की ड्रिल-बिट धारण करने की क्षमता के आधार पर व्यक्त की जाती है जो प्रायः 6 या 8 मिमी होती है।
Crimping Tool-इसका उपयोग एल्युमीनियम केबिल्स के सिरों पर संयोजक ‘लग’ या ‘टर्मिनल’ को crimp करने के लिए किया जाता है। इसकी लम्बाई प्रायः 20 सेमी होती है।
Try Square-इसका प्रयोग समकोणता की जांच करने के लिए किया जाता है। इसे ‘गुनिया’ भी कहते हैं। यह 15, 20, 30 सेमी लम्बाई ब्लेड वाला होता है।
Scriber- स्क्राइबर स्टील अथवा कार्बन स्टील से बना नुकीला व पैना औजार होता है। मुख्यतः प्लेन एवं डबल एण्डेड स् स्क्राइबर का प्रयोग किया जाता है। इनका प्रयोग जॉब पर मार्किंग करने के लिए किया जाता है, जिन स्थानों पर पेन्सिल का प्रयोग नहीं किया जा सकता है, उन स्थानों पर स्क्राइबर का प्रयोग किया जाता है।
Divider- यह कार्बन स्टील से बना होता है, यह कम्पास के समान दो टागों वाला मार्किंग औजार है। इसकी दोनों टँागें समान लम्बाई की तथा नुकीली होती है। इसका साइज दोनों टँागों के जोड़ से नुकीले प्वॉइन्ट तक की लम्बाई द्वारा दिया जाता है। ये 100, 150, 200 मिमी की लम्बाई में उपलब्ध है। चिन्हन करते समय दूरी का विभाजन करने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। बनावट के आधार पर डिवाइडर दो प्रकार के होते है 1. रिवेट टाईप 2. स्प्रिंग टाइप
Micrometer- माइक्रोमीटर द्वारा तारों का व्यास ज्ञात किया जाता है। इसके द्वारा 1 मिमी के 100वें भाग तक मापा जा सकता है, जिस तार का व्यास लेना है उसे स्पिण्डल तथा सर्फेस के बीच रखकर घुमाते हैं, जिस माप पर तार सही प्रकार से फिट हो जाता है वह माप माइक्रोमीटर के स्केल पर पढ़ लेते हैं।
Wire Gauge- इसके द्वारा भी सुपर इनेमल तारों या केबिल्स का व्यास ज्ञात किया जाता है। इसके चारों ओर
परिधि पर slot कटे होते है, जिन पर नम्बर लिखे होते हैं। उनमें तारें को डालकर उसकी गेज ज्ञात कर लेते हैं। जिस स्लॉट मे तार ठीक से फिट हो जाता है, वही उसका गेज नम्बर होता है। इसी प्रकार धातु की चादरों की मोटाई भी ज्ञात की जाती है।
परिधि पर slot कटे होते है, जिन पर नम्बर लिखे होते हैं। उनमें तारें को डालकर उसकी गेज ज्ञात कर लेते हैं। जिस स्लॉट मे तार ठीक से फिट हो जाता है, वही उसका गेज नम्बर होता है। इसी प्रकार धातु की चादरों की मोटाई भी ज्ञात की जाती है।
Plumbob-इसका प्रयोग उर्ध्वाधर रेखा खींचने या ऊर्ध्व रेखा का परीक्षण करने में किया जाता है इसकी नीचे तली में नोंक होती है।
Soldering Iron-इलेक्ट्रॉनिकस एवं इलेक्ट्रीकल परिपथों के विभिन्न अवयवों को सोल्डर करने के लिए सोल्डरिंगआयरन का प्रयोग किया जाता है। सोल्डरिंग आयरन, सोल्डर को पिघलाने के लिए ऊश्मा उत्पन्न करता है। सोल्डरिंग आयरन में ऊश्मित धातु टिप एवं इन्सुलेटिड हैडिल होता है। वैद्युतिक एवं इलेक्ट्रॉनिक कार्यों के लिए 15 से 35 वाट तक के सोल्डरिंग आयरन प्रयोग किए जाते हैं। सोल्डरिंग पात्र व कड़छी
Conduit Die Set-कण्ड्यूट वायरिंग करते समय कण्ड्यूट पाईप मंे चूड़ी डालने हेतु डाई सैट का उपयोग होता है। स्टॉक कास्ट आयरन का बना होता है व डाई, हार्ड कार्बन स्टील की बनी होती है। इसे घुमाने के लिए दोनों साइडों में पाइप के हैण्डिल लगे होते हैं।
Ratchet Brace Drill Machine-इसका प्रयोग लकड़ी की जॉब में बड़े आकार का छिद्र करने के लिए किया जाता है। अलग अलग आकार के छिद्र करने के लिए इसमें विभिन्न प्रकार के औगर बिट्स प्रयोग किए जातें हैं। छिद्र करने के लिए, इसमें प्रेस नोब लगा हुआ होता है, जिसे पकड़कर आवश्यकतानुसार दाब डालते हुए घुमाया जाता है।Electric Drill Machine-लकड़ी या धात्विक वस्तुओं में छिद्र करने के लिए छोटी इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन प्रयोग
की जाती है। यह छोटे आकार की 8 मिमी बिट क्षमता वाली मशीन होती है। इस प्रकार की मशीन में ड्रिल-बिट को कसने के लिए चक ‘की’ प्रयोग की जाती है।
Scissors-इसका प्रयोग कपड़ा, धागा, व ऐम्पायर कपड़ा आदि काटने के लिए किया जाता है। सामान्यतः मैकेनिक 15-20 सेमी लम्बी कैंची का प्रयोग करते हैं।Vice-यह जॉॅब को मजबूती से पकड़ने वाला औजार है। भिन्न-भिन्न कार्यों के लिए पृथक-पृथक प्रकार की वाइसें

प्रयोग की होती है; जैसे- बैंच-वाइस, पाइप-वाइस, पिन-वाइस, हैण्ड-वाइस, लैग-वाइस, लाइन वाइस आदि। इनके जबड़े की लम्बाई के अनुसार इनकी विभिन्न साईज होती है। सामान्यतः कार्यों के लिए 10 सेमी जबड़े वाली बेंच-वाइस तथा 6 सेमी व्यास क्षमता वाली पाइप-वाइस की आवश्यकता होती है। इसमें वाइस जॉब को स्पिण्डल की सहायता से जबड़ों के बीच में जकड़ दिया जाता है।



